हिंदी और उर्दू जहाँ एक दुसरे से मिलती है
मेरी यादें खुबसूरत नगमोंसे होकर गुजरती है
मै सोच में पड़ जाता हूँ हर बार, जब भी
मुहब्बत और प्यार में से एक को चुनने की बारी आती है
जज्बात तो आखिर एक हि है फिर भी, बुरा लगता है
जब माँ और वतन में से एक को चुनने की नौबत आती है
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पता नहीं क्यूँ ? मै अपने जज्बातोंको बहने देता हूँ
वक़्त से पहलेही दर्द महसूस करने की इजाजत दे देता हूँ
वो जख्म खिलकर महकने लगते है फिर दिल में
तब मै मेरे अशकोंको छलकने की इजाजत दे देता हूँ
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क्यूँ ? हर जीते हुए पल में मुझे मौत नजर आती है
जिंदगी और मौत की प्यारभरी दास्ताँ मुझे बड़ी भाति है
कमबख्त ये साथ नहीं छोड़ते एकदूसरे का कभी
बस यही बात की कमी मुझे इन्सानोमें नजर आती है
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मौत की खूबसूरती देखने हर रात सोता हूँ
जब सच्चाई के करीब होता हूँ आँखे खोल देता हूँ
शायद वहाँ पर भी मौत हैसियत देखती है
मुझ जैसोंको दर्द को नगमोंमें बदलने का काम देती है
मौत की खूबसूरती देखने हर रात सोता हूँ
जब सच्चाई के करीब होता हूँ आँखे खोल देता हूँ
शायद वहाँ पर भी मौत हैसियत देखती है
मुझ जैसोंको दर्द को नगमोंमें बदलने का काम देती है
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